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मायावती का ब्राह्मणों पर फोकस, जन्मदिन पर दिया सियासी संदेश

बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी में अब ब्राह्मण समाज को प्राथमिकता दी जाएगी और उन्हें पूरा सम्मान मिलेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में अगर बसपा की सरकार बनती है तो ब्राह्मणों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

गुरुवार को अपने 70वें जन्मदिन के मौके पर मायावती ने एक किताब का लोकार्पण किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दों पर बात की, लेकिन उनका मुख्य फोकस ब्राह्मण समाज पर रहा। उन्होंने पिछले महीने यूपी में बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि यह इस बात का संकेत है कि बीजेपी ब्राह्मणों को उचित सम्मान नहीं दे रही। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी ब्राह्मणों को उनका हक न देने का आरोप लगाया और कहा कि ब्राह्मण समाज को इन दलों के बहकावे में नहीं आना चाहिए।

मायावती ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी, बसपा के मूवमेंट को रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बसपा ने हमेशा ब्राह्मणों को सम्मान दिया है और उनकी सरकार के दौरान कभी मंदिर, मस्जिद या चर्च को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ब्राह्मणों को किसी का “चोखा-बाटी” नहीं चाहिए, बल्कि सम्मान और अधिकार चाहिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शॉर्ट सर्किट से मची अफरा-तफरी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस कमरे में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया, जहां मायावती मीडिया से बात कर रही थीं। धुआं निकलने लगा, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा कारणों से प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही छोड़ दी।

बीजेपी और सपा का पलटवार

मायावती के बयान पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। यूपी बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि ब्राह्मणों के सम्मान को लेकर बीजेपी को बसपा से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। वहीं, सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने बसपा को बीजेपी की बी टीम बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बनाकर ब्राह्मण समाज का सम्मान किया है और इस बार पूरा समाज सपा के साथ है।

योगी और अखिलेश ने दी जन्मदिन की बधाई

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मायावती को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि मायावती आने वाले समय में “संविधान विरोधी” बीजेपी को चुनौती देती रहेंगी। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

2007 का ब्राह्मण-दलित गठजोड़ फिर चर्चा में

गौरतलब है कि 2007 के विधानसभा चुनाव में मायावती ने ब्राह्मण-दलित सोशल इंजीनियरिंग का प्रयोग किया था। उन्होंने 86 सीटों पर ब्राह्मण उम्मीदवार उतारे थे और “ब्राह्मण शंख बजाएगा, हाथी बढ़ता जाएगा” जैसे नारे के साथ चुनाव लड़ा था। उस रणनीति के तहत 41 ब्राह्मण उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचे और बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। अब एक बार फिर मायावती उसी सामाजिक समीकरण को दोहराने की कोशिश करती नजर आ रही हैं।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH