प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन से पूरे देश में शोक की लहर फैल गई है। राजनीतिक जगत की कई दिग्गज हस्तियों ने उनके निधन पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले भारत की सबसे मशहूर और बहुमुखी आवाज़ों में से एक थीं। उन्होंने कहा कि दशकों तक चली उनकी असाधारण संगीत यात्रा ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर के लोगों के दिलों को छुआ। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी आवाज़ में हमेशा एक खास चमक रही, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस क्षति को पूरे देश और विश्व के संगीत प्रेमियों के लिए अपूरणीय बताया। उन्होंने कहा कि मंगेशकर परिवार ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। लता मंगेशकर के बाद अब आशा भोसले का जाना संगीत जगत के लिए बहुत बड़ा आघात है। उन्होंने बताया कि आशा भोसले ने 92 वर्ष की आयु तक लगातार संगीत की सेवा की और 90वें जन्मदिन पर भी तीन घंटे का कॉन्सर्ट कर एक मिसाल पेश की। शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप और रॉक तक हर शैली में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी और 20 से अधिक भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गीत गाए।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि अपनी विलक्षण प्रतिभा के दम पर आशा जी ने संगीत के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई। ‘नया दौर’, ‘तीसरी मंज़िल’, ‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘उमराव जान’, ‘इजाज़त’ और ‘रंगीला’ जैसी फिल्मों के गीतों को उन्होंने अपनी आवाज़ से अमर कर दिया। गडकरी ने कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। आशा भोसले के निधन से न सिर्फ संगीत जगत, बल्कि पूरे देश को गहरा आघात पहुंचा है। उनके गीत और उनकी आवाज़ हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।




