नई दिल्ली। घाटी में अब एक फिर जय माता दी के नारे पूरे जोर शोर से गूजेंगे। नवरात्र के पहले दिन यानी की 2 अप्रैल को देश भर से कश्मीरी पंडित कश्मीर पहुंचेंगे। कश्मीर फाइल्स फिल्म ने कश्मीरी पंडितों के विस्थापन की सच्चाई सबके सामने ला दी। आजतक बताया जा रहा था कि कश्मीरी पंडित खुद ही अपने घर छोड़कर कर गए लेकिन द कश्मीर फाइल्स सबूत है कि कश्मीरी पंडित खुद अपने घर छोड़कर नहीं गए। मज़बूरी में उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा।
जेके पीस फोरम देश भर से आए कश्मीरी पंडितों को नवरेह के दिन 2 अप्रैल को कश्मीर में इकट्ठा करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत कश्मीरी पंडित भी जम्मू से घाटी तक बस से यात्रा करेंगे और हरि पर्वत पर मां शारिका मंदिर में पूजा करेंगे और पंडितों के पुनर्वास के लिए प्रार्थना करेंगे।
घाटी में भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ-साथ पंडितों की गरिमामय बहाली के लिए अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को 30 वर्षों से विस्थापितों के बीच धार्मिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों से परिचित कराना और उन लोगों के लिए सुरक्षा और आत्म-सम्मान की भावना पैदा करना है जो डर के कारण अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं।




