पाकिस्तान ने इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में शुक्रवार (6 फरवरी) को हुए आत्मघाती हमले के लिए भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की है। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद और बेतुका बताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि पाकिस्तान ऐसे आरोप लगाकर अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है।
दरअसल, इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान एक शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें कम से कम 31 नमाजियों की मौत हो गई, जबकि करीब 170 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि हमले के वक्त मस्जिद परिसर में लगभग 700 लोग मौजूद थे। पाकिस्तान की ओर से बिना किसी ठोस सबूत के इस हमले को भारत और अफगानिस्तान से जोड़ने की कोशिश की गई। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि हमले में शामिल आतंकी का अफगानिस्तान आना-जाना रहा है और इससे भारत तथा अफगानिस्तान के बीच मिलीभगत सामने आती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक “शर्मनाक हार” के बाद भारत अपने कथित प्रॉक्सी के जरिए युद्ध लड़ रहा है और सीधे संघर्ष करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि इस्लामाबाद की मस्जिद में हुआ बम धमाका निंदनीय है और भारत इस हमले में हुई जानमाल की क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करता है। मंत्रालय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने समाज को प्रभावित करने वाली गंभीर समस्याओं से निपटने के बजाय दूसरों को दोषी ठहराने का रास्ता अपना रहा है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे सभी आरोपों को खारिज करता है, जो पूरी तरह आधारहीन और निरर्थक हैं।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, यह विस्फोट इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित इमामबाड़ा खदीजा-तुल-कुबरा में हुआ। गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने मीडिया को बताया कि हमलावर अफगान नागरिक नहीं था, हालांकि फोरेंसिक जांच में यह पता लगाया गया है कि उसने कितनी बार अफगानिस्तान की यात्रा की थी। अधिकारियों के मुताबिक, इस आत्मघाती हमले में अब तक कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 169 लोग घायल हुए हैं।




