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मनरेगा की जगह ‘जी राम जी’ बिल पर संसद में हंगामा, विपक्ष ने नाम बदलने पर उठाए सवाल

संसद में आज मनरेगा की जगह लाए जा रहे ‘जी राम जी’ बिल को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में जैसे ही नया ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून पेश किया गया, विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया और सदन में जमकर नारेबाजी हुई।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल, 2025’ पेश किया, जिसे ‘जी राम जी’ बिल कहा जा रहा है। यह बिल मौजूदा मनरेगा कानून की जगह लेगा। नए कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जबकि मनरेगा में 100 दिनों की गारंटी का प्रावधान है। इसके साथ ही इस योजना में राज्यों की वित्तीय हिस्सेदारी भी तय की गई है, जो मनरेगा से अलग है, जहां मुख्य रूप से केंद्र सरकार की भूमिका रही है।

विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार नया कानून लाने के बजाय केवल पुराने कानून का नाम बदल रही है। विपक्ष का यह भी कहना है कि जानबूझकर इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाया जा रहा है, जो उनकी विचारधारा और योगदान का अपमान है। इस पर सफाई देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी देशवासियों के दिलों में बसे हैं और उनका सम्मान किसी नाम से कम नहीं होता। उन्होंने कहा कि मनरेगा में कई व्यावहारिक कमियां थीं, जिन्हें दूर करने और योजना का प्रभाव जमीनी स्तर पर बढ़ाने के लिए नया कानून लाया गया है, ताकि अधिक लोगों को लाभ मिल सके।

लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बिल के नाम को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार को नाम बदलने की जो आदत पड़ गई है, वह समझ से परे है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि इस बिल के जरिए ग्राम पंचायतों के अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं। कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन ने भी कहा कि नाम बदलकर सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

एनडीए के सहयोगी दलों ने भी इस बिल पर सवाल उठाए हैं। चंद्रबाबू नायडू की पार्टी ने राज्यों पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ का मुद्दा उठाया है, हालांकि पार्टी ने सरकार को समर्थन देने के संकेत भी दिए हैं। लगातार हंगामे के बीच ‘जी राम जी’ बिल को संसद की संयुक्त समिति को भेज दिया गया है। समिति इस विधेयक के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा करेगी। फिलहाल इस बिल को लेकर संसद में सियासी घमासान जारी है और आने वाले दिनों में इस पर बहस और तेज होने के आसार हैं।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH