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प्रतापगढ़ में कथित जबरन धर्मांतरण का मामला, पीड़ित की ‘घर वापसी’, चार आरोपी गिरफ्तार

प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश से एक कथित जबरन धर्मांतरण और बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। पीड़ित संतोष शुक्ला ने आरोप लगाया है कि उन्हें करीब 12 वर्ष पहले जबरन बंधक बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया और उनका नाम बदल दिया गया। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।

पीड़ित का आरोप है कि उन्हें एक धार्मिक स्थल पर ले जाकर दबाव में धर्म परिवर्तन कराया गया। उनका कहना है कि आरोपियों ने उनकी पहचान बदलने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए। शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 20 फरवरी 2026 को भागने की कोशिश के दौरान उन्हें दोबारा पकड़ लिया गया, लेकिन किसी तरह बचकर वह जेठवारा थाने पहुंचे और पुलिस से मदद मांगी।

पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था।

इस बीच, 1 मार्च 2026 को प्रतापगढ़ के आश्रम वैदिक मंदिर मकोइया कुंडा में सनातन हितकारिणी न्यास के तत्वावधान में एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां संतोष शुक्ला ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ पुनः अपने मूल धर्म को अपनाने की घोषणा की। कार्यक्रम में हवन और मंत्रोच्चार के बीच ‘घर वापसी’ की प्रक्रिया संपन्न कराई गई।

फिलहाल संतोष शुक्ला अपने परिवार के साथ सुरक्षित बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर प्रदेश में पहले भी बहस होती रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार का जबरन या अवैध धर्म परिवर्तन कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH