लखनऊ: उत्तर प्रदेश में BJP संगठन में बदलाव के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, खरमास समाप्त होने के बाद यानी 14 जनवरी, 2026 के बाद कैबिनेट में बड़ा फेरबदल संभव है। वर्तमान में योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम 60 सदस्य होने का प्रावधान है। ऐसे में लगभग 6 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है, वहीं कुछ पुराने मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। भूपेंद्र चौधरी जाट समुदाय से हैं और पश्चिमी यूपी के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। रणनीतिक दृष्टिकोण से अवध क्षेत्र से 3, पूर्वांचल से 2 और पश्चिमी यूपी से 1 नए मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। पार्टी जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस कर रही है।
सीएम आवास पर हुई BJP कोर ग्रुप बैठक
मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास, 5 कालीदास मार्ग पर BJP कोर ग्रुप की अहम बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मौजूद रहे। इसके अलावा, RSS के क्षेत्रीय प्रचारक अनिल सिंह और महेंद्र कुमार भी बैठक में शामिल हुए।
रणनीति और चुनाव तैयारी पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार, संगठन में बदलाव और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दिल्ली रवाना हो गए, जहां वे केंद्रीय नेतृत्व को बैठक की जानकारी देंगे। केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलने के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया शुरू होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार महत्वपूर्ण है। नए मंत्रियों को शामिल कर सरकार में नई ऊर्जा लाने और जनता से जुड़े मुद्दों पर फोकस बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।




