पंजाब सरकार ने केंद्र की सक्षम आंगनवाड़ी मिशन के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने में छह साल की देरी के मामले में दो सीनियर आईएएस अधिकारियों कमल किशोर यादव और जसप्रीत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही दोनों अधिकारियों का तबादला भी किया गया है।
सरकारी आदेश में निलंबन की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई है। दोनों अधिकारियों को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के नियम 3(1) के तहत निलंबित किया गया है। सस्पेंशन के दौरान दोनों अधिकारियों को चंडीगढ़ में ही रहना होगा। सूत्रों के अनुसार, कमल किशोर यादव और जसप्रीत सिंह ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने में 6 साल की देरी की, जिसके चलते उनके खिलाफ अदालत में याचिका दायर की गई थी।
किशोर यादव 2003 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उद्योग, वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रशासनिक सचिव थे। वहीं, जसप्रीत सिंह 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और पंजाब सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक थे। सस्पेंशन के बाद आईएएस अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह पहला मौका नहीं है जब आम आदमी पार्टी (AAP) के शासनकाल में आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड किया गया हो। पिछले साल फरवरी में मुक्तसर के तत्कालीन उपायुक्त राजेश त्रिपाठी को भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतों के बाद निलंबित किया गया था। इसके अलावा अगस्त 2023 में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डी.के. तिवारी और गुरप्रीत सिंह खैरा को भी सस्पेंड किया गया था।




