मोहाली। पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास को मजबूत करने के लिए एक अहम पहल की है। अब राज्य के सरकारी स्कूलों में छात्र सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि रोज़ाना ‘ध्यान’ (मेडिटेशन) के माध्यम से मानसिक रूप से भी सशक्त बनेंगे।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने मोहाली में आयोजित एक विशेष वर्कशॉप के दौरान स्कूल प्रिंसिपलों के साथ इस मेडिटेशन प्रोग्राम की सफलता और इसके राज्यव्यापी विस्तार को लेकर चर्चा की।
यह मेडिटेशन प्रोग्राम 19 जनवरी 2026 को मोहाली जिले के अपर-प्राइमरी स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। इसके सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम सामने आने के बाद अब पंजाब सरकार इसे पूरे राज्य के स्कूलों में लागू करने की योजना बना रही है।
प्रोग्राम की मुख्य विशेषताएं
सुबह की सभा के तुरंत बाद छात्रों के लिए 30 मिनट का ध्यान सत्र आयोजित किया जाएगा। राज्यभर में एकरूपता बनाए रखने के लिए 21.5 मिनट का विशेष मेडिटेशन मॉड्यूल प्रसारित किया जा रहा है। स्कूल प्रिंसिपलों के अनुसार, इस कार्यक्रम से छात्र पहले से अधिक शांत, एकाग्र और भावनात्मक रूप से मजबूत हुए हैं। इस अवसर पर मनीष सिसोदिया ने मेडिटेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्कूल प्रमुखों से अपील की कि वे इस कार्यक्रम को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करें, ताकि इसका लाभ अंतिम छात्र तक पहुँच सके। उन्होंने कहा कि ध्यान न केवल मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि छात्रों की सोचने-समझने की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार करता है। कार्यक्रम की शुरुआत में डीईओ (सेकेंडरी) मोहाली डॉ. गिन्नी दुग्गल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और मेडिटेशन प्रोग्राम से छात्रों को होने वाले व्यावहारिक लाभों की जानकारी साझा की।




