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राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है। राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से कांशीराम को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं और उनके योगदान को याद कर रहे हैं।

कांशीराम की जयंती से दो दिन पहले लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित संविधान सम्मेलन में राहुल गांधी ने डॉक्टर भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के विचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कांशीराम समाज में बराबरी और सामाजिक न्याय की बात करते थे। राहुल ने यह भी स्वीकार किया कि अगर कांग्रेस ने अपना काम सही तरीके से किया होता तो कांशीराम को अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने की जरूरत नहीं पड़ती।

राहुल गांधी ने कहा कि अगर भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जीवित होते तो कांशीराम कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कमजोरियों की वजह से ही कांशीराम जैसे नेता अलग मंच पर उभरे और सफल हुए।

इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार देश की 85 प्रतिशत आबादी की अनदेखी कर रही है। राहुल ने कहा कि संविधान सभी को समान अधिकार देता है, लेकिन आज समाज को 15 और 85 प्रतिशत के बीच बांट दिया गया है और लाभ केवल 15 प्रतिशत लोगों तक सीमित हो रहा है।

राहुल गांधी ने महात्मा गांधी, डॉ. आंबेडकर और कांशीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि इन नेताओं ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी वर्षों तक जेल में रहे, लेकिन अपने विचारों से पीछे नहीं हटे। बाबासाहेब आंबेडकर ने भी अपना पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित किया और कांशीराम ने भी अपने संघर्ष में कभी समझौता नहीं किया।

कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस के ओबीसी और एससी विभागों तथा उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सहयोग से किया गया था। सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर कांशीराम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग भी उठाई गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का यह कदम 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए दलित मतदाताओं को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH