हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को लेकर की गई टिप्पणी पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह के बयान पार्टी की सोच को उजागर करते हैं।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि कांग्रेस के डीएनए में ही ऐसी मानसिकता रही है। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने आज तक पीड़ितों से माफी नहीं मांगी है और राहुल गांधी व कांग्रेस का व्यवहार आज भी उसी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब संसद परिसर के मकर द्वार के पास राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आरोप है कि राहुल गांधी ने बिट्टू को लेकर “यहां एक गद्दार जा रहा है” जैसी टिप्पणी की और बाद में व्यंग्यात्मक अंदाज में उन्हें “मेरे गद्दार दोस्त” कहा। इस पर रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और उन्हें “देश का दुश्मन” करार दिया।
इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्यसभा में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू को “गद्दार” कहना न केवल एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि यह सिख समुदाय और गुरुओं का भी अपमान है। प्रधानमंत्री ने इसे कांग्रेस के घमंड की पराकाष्ठा बताया।
राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद के बाहर उस सांसद को गद्दार कहा, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विचारधारा बदलने से कोई व्यक्ति देशद्रोही हो जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि “गद्दार” जैसे शब्द हल्के नहीं होते और किसी नागरिक को इस तरह संबोधित करना देश बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह का रवैया कांग्रेस को और पतन की ओर ले जाएगा और ऐसे लोग ही पार्टी को डुबो देंगे।




