नई दिल्ली। “बिग बुल ऑफ इंडिया” और “किंग ऑफ बुल मार्केट” के नाम से मशहूर शेयर कारोबारी राकेश झुनझुनवाला का निधन हो गया है। वो 62 साल के थे। वह काफी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें आखिरी बार आकासा एयर के उद्घाटन समारोह में सार्वजनिक तौर पर देखा गया था। राकेश झुनझुनवाला का जन्म 5 जुलाई 1960 को हुआ था, जो बंबई में एक राजस्थानी परिवार में पले-बढ़े। उन्होंने सिडेनहैम कॉलेज से स्नातक किया और उसके बाद इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया में दाखिला लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2022 तक उनकी अनुमानित कुल संपत्ति 5.5 बिलियन डॉलर थी, जिसके कारण वह भारत के 36वें सबसे अमीर व्यक्ति थे। राकेश झुनझुनवाला बिजनेस, शेयर मार्केट ट्रेडर, निवेशक के साथ ही चार्टर्ड एकाउंटेंट भी थे। वह हंगामा मीडिया और एप्टेक के अध्यक्ष होने के साथ-साथ वाइसरॉय होटल्स, कॉनकॉर्ड बायोटेक, प्रोवोग इंडिया और जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक भी थे।
राकेश झुनझुनवाला के पिता इनकम टैक्स ऑफिसर थे। इसके साथ ही उन्हें शेयर मार्केट में भी काफी इंटरेस्ट था इसलिए इनके पिता अपने दोस्तों के साथ शेयर मार्केट के बारे में बातें करते थे। ऐसे में छोटी उम्र में ही राकेश में शेयर बाजार को लेकर रूचि बढ़ी। सीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद राकेश झुनझुनवाला ने अपने पिता से कहा कि मुझे शेयर मार्केट में निवेश करना है। तब राकेश के पिता ने उन्हें पैसे देने से मना कर दिया और कहां कि Share Market के लिए मैं तुमको पैसे नहीं दूंगा। उसके पिता ने यह भी कहा कि तुम शेयर बाजार के लिए अपने दोस्तों से भी पैसे नहीं लोगे, लेकिन राकेश झुनझुनवाला अपनी जिद पर अड़े रहे। उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी जमा पूंजी के 5,000 रुपए से साथ शेयर बाजार में निवेश करना शुरू किया और फिर शेयर मार्केट में भारतीय वॉरेन बॉफेट की पहचान बनाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिग बुल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, ‘राकेश झुनझुनवाला मजाकिया और व्यवहारिक व्यक्ति थे। वह अपने पीछे वित्तीय दुनिया में एक अमिट योगदान छोड़ गए हैं। भारत की प्रगति को लेकर वह काफी उत्साहित रहते थे। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं हैं। ऊं शांति’




