पंजाब में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक बार फिर अपनी नीतियों की ताकत दिखा दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किया गया ऑपरेशन प्रहार-2 केवल पुलिस अभियान नहीं, बल्कि राज्य में अपराध और नशे के खिलाफ राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक बन गया है।
72 घंटे का विशेष महाअभियान
डीजीपी गौरव यादव के निर्देशन में पूरे पंजाब में 72 घंटे तक चलने वाले इस अभियान में छापेमारी, नाकाबंदी और धरपकड़ जैसी कार्रवाई की गई। हाई-टेक नाके, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई और किसी भी घटना के बाद पूरे इलाके को सील करने की रणनीति ने अपराधियों के हर रास्ते बंद कर दिए हैं।
पिछले जनवरी में आयोजित पहले ऑपरेशन प्रहार ने भी राज्य की कानून व्यवस्था बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उस अभियान में 3,256 लोग गिरफ्तार, 69 अवैध हथियार बरामद और पटियाला व फाजिल्का में गैंगस्टरों के साथ एनकाउंटर हुए थे। अभियान के दौरान 12,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 1,200 से ज्यादा टीमें एक साथ मैदान में उतरी थीं।
प्रहार-2 के आंकड़े
ऑपरेशन प्रहार-2 पहले अभियान से भी आगे नजर आ रहा है। सिर्फ पिछले 20 दिनों में:
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17,603 छापेमारी की गई
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5,290 गैंगस्टर और सहयोगी गिरफ्तार
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128 अवैध हथियार बरामद
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344 भगोड़े अपराधी पकड़े
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2,973 लोगों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई
यह डेटा दर्शाता है कि पंजाब सरकार ने अपराध नियंत्रण में रिएक्शन नहीं बल्कि प्रिवेंशन पर जोर दिया है।
नशा माफिया पर भी सख्ती
गैंगस्टरों के साथ-साथ नशा माफिया पर भी मान सरकार की कार्रवाई जारी है। मार्च 2025 से अब तक:
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48,167 नशा तस्कर गिरफ्तार
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2,149 किलो हेरोइन बरामद
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15.91 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त
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33,779 एफआईआर दर्ज
इन कार्रवाइयों ने न केवल नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर किया बल्कि दशकों से युवा पीढ़ी को प्रभावित करने वाले तंत्र को भी ध्वस्त किया।
पंजाब में कानून व्यवस्था में बदलाव
आज पंजाब में अपराध दर और नशा नियंत्रण में स्पष्ट सुधार देखा जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा की तुलना में पंजाब की अपराध दर तीन गुना कम है। यह बदलाव किसी संयोग से नहीं, बल्कि साफ नीति, ईमानदार नेतृत्व और ज़ीरो टॉलरेंस अप्रोच के परिणामस्वरूप आया है।
पंजाब अब अपराध और नशे से जुड़े राज्य की छवि छोड़कर कानून और व्यवस्था के मजबूत उदाहरण के रूप में उभर रहा है।




