स्वर्गीय श्रीमती वीणा वर्मा जी की द्वितीय पुण्यतिथि पर वर्मा परिवार ने गहन श्रद्धा एवं स्मरण के साथ उन्हें नमन किया।स्वर्गीय वीणा वर्मा जी एक प्रतिष्ठित संसद सदस्य, समाजसेवी एवं जनसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थीं। उन्होंने राज्यसभा में लगातार तीन कार्यकाल तक सदस्य के रूप में राष्ट्र की सेवा की और अपने अठारह वर्षों के संसदीय जीवन में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय, शिक्षा और वंचित वर्गों के कल्याण से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे अपने संतुलित दृष्टिकोण, प्रभावशाली वक्तृत्व और जनहित के मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थीं।
संसदीय दायित्वों के अतिरिक्त, श्रीमती वीणा वर्मा जी सामाजिक एवं मानवीय कार्यों में भी सक्रिय रूप से संलग्न रहीं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और वंचित बच्चों की शिक्षा तथा सामाजिक उत्थान के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए और अनेक सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों को समर्थन दिया। उनका जीवन सेवा, अनुशासन और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा।
वीणा वर्मा जी, स्वर्गीय श्री श्रीकांत वर्मा की धर्मपत्नी थीं, जो एक प्रख्यात कवि, चिंतक एवं राज्यसभा के दो बार सदस्य रहे। दोनों ने मिलकर सार्वजनिक जीवन, साहित्य और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
वे अपने पुत्र डॉ.अभिषेक वर्मा को पीछे छोड़ गईं, जो शिवसेना (NDA) के लिए एनडीए गठबंधन एवं चुनावों के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक हैं और जो श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट सहित विभिन्न माध्यमों से परिवार की सेवा और सामाजिक दायित्व की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
इस अवसर पर दिल्ली में डॉ. अभिषेक वर्मा, श्रीमती अंका वर्मा एवं पोते आदितेश्वर वर्मा ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी पावन स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा उन्हें परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में स्मरण किया। पोती निकोल वर्मा यूरोप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए आज से आयोजन में शरीक हुई ।




