बरेली। यूपी की योगी सरकार ने बरेली, बांदा और नैनी जेल के जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया है। बरेली जेल अधीक्षक राजीव शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने अशरफ अहमद की उसके गुर्गों से गैर कानूनी मुलाकात में मदद करवाई थी। इसके चलते उनपर कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक-एक आईडी पर अशरफ कई गुर्गों से मुलाकात किया करता था। इतना ही नहीं, अशरफ मुलाकात के नियत समय के बाद भी अलग से अपने लोगों से मिलता था। इस मामले में शासन ने डीआइजी जेल आरएन पांडेय से जेल कर्मियों व अधिकारियों की जांच कराई थी। जिसमें डीआइजी की रिपोर्ट के आधार पर जेलर समेत सात कर्मी निलंबित किए जा चुके हैं। दो सिपाही शिवहरि अवस्थी व मनोज गौड़ जेल भी जा चुके हैं।
इसके साथ ही बांदा और नैनी जेल में भी लापरवाही की बात सामने आई है। बता दें कि उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में माफिया मुख्तार अंसारी बंद है। उसके गुर्गे भी गैर कानूनी तरीके से उससे मिलने जाया करते थे। वहीं, अभी हाल ही में माफिया अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ अहमद नैनी जेल शिफ्ट किए गए थे।




