रायपुर । कवर्धा के गुरुकुल से निजी गुरुकुल पब्लिक स्कूल में 4 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। स्कूल में चार साल की मासूम बच्ची से अनाचार के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बस कंडक्टर और स्कूल के पा्रचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस तरह के घटनाओ से शिक्षा के मंदिरों में जहां के लोगों पर नौनिहालों में संस्कार और ज्ञान के बीज रोपने की जिम्मेदारी है उनके नैतिक पतन व गलत आचरण से रापित बीज अंकूरित होने के बाद कैसा आचार-विचार और व्यवहार ले कर पनपेगा यह विचारणीय ही है।
बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना स्कूल में ही हुई थी। दुष्कर्म के आरोपी कंडक्टर मुकेश यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रिंसिपल जगदीश सांखला को सह आरोपी बनाते हुए उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल प्रिंसिपल की भूमिका सामने नहीं आई है।
घटना सिटी कोतवाली क्षेत्र की है। कवर्धा एसपी लाल उमेद सिंह ने कहा कि मेडिकल में बच्ची के साथ यौन शोषण की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आरोपी कंडक्टर मुकेश यादव ग्राम चचेड़ी का रहने वाला है। उसने स्कूल कैंपस में ही रेप की घटना को अंजाम दिया था। किशोर न्याय अधिनियम यानि पॉक्सो एक्ट के तहत स्कूल के प्रिंसिपल जगदीश सांखला की भी गिरफ्तारी हुई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
घटना 7 फरवरी मंगलवार की बताई जा रही है। परिजनों ने बच्ची की हालत देखकर उससे पूछताछ की। वह आरोपी के संबंध में तो नहीं बता पाई लेकिन उसने स्कूल में ऐसा होने की बात कही। इसके बाद परिजन पुलिस के पास पहुंचे और मामले की शिकायत की। पुलिस ने जांच की और कंडक्टर मुकेश यादव पर संदेह हुआ। बच्ची भी उसे देखकर बुरी तरह डरी दिखाई दी। मुकेश से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने दुष्कर्म करना स्वीकार कर लिया।
घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी जमकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई कराने की मांग को लेकर राज्यपाल अनुसुईया उइके के नाम ज्ञापन सौंपा है।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर आरोपी पर केस चलाकर उसे फांसी दिलवाने की मांग की है। हैवानियत के ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे मुंगेली जिले में भी बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने स्कूल बस कंडक्टर को गिरफ्तार किया था। घटना इसी साल 17 जनवरी को हुई थी।
आरोपी पर पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। एसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया था कि 41 वर्षीय आरोपी कंडक्टर ने बच्ची का यौन शोषण किया। घर पहुंचने पर बच्ची ने मां को इस बात की जानकारी दी। मां तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले गई, जहां रेप की पुष्टि हुई थी। परिजनों ने तुरंत पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। ऐसा कर सकते हैं स्कूल बाल यौन शोषण, छेड़छाड़ की घटनाएं न हों, इसके लिए स्कूल में सघन निगरानी रखने को समिति गठित करें।
गुड और बैड टच केि बारे में जागरूकता जरुरी
स्कूल परिसर में सीसीटीवी लगवाएं। शिक्षकों, कर्मचारियों, चालक- परिचालकों पर नजर रखें। ऐसी घटना होने पर पुलिस की त्वरित सहायता लें । छात्राओं की नियमित काउंसिलिंग करनी चाहिए छात्राओं को गुड और बैड टच के बारे में जागरूक करना चाहिए।
छात्राओं को यौन शोषण जैसे विषय पर जागरूक करना चाहिए बच्चों से खुलकर बात करें अभिभावक: मनोवैज्ञानिक मंडलीय मनोवैज्ञानिक केंद्र के प्रभारी आरएस चौधरी का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए। इससे बच्चों को साहस मिलता है। उन्हें बताना चाहिए कि बुरी नजर, बुरी नीयत, बुरा टच क्या होता है। इससे बचने के उपाय भी बताने चाहिए। आरोपितों की हरकतों की अनदेखी न करें।




