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अनिद्रा का रामबाण इलाज: योग से पाएं सुकूनभरी नींद

नीरज गोयल (Pgdjmc,M.A. Yoga)

*रात्रि में नींद न आने से जूझ रहे हैं लोग*

वर्तमान परिवेश में अनिद्रा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। शहरी हो या ग्रामीण क्षेत्र, दोनों जगह लोग रात में गहरी और पर्याप्त नींद न आने से परेशान हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हर तीसरा व्यक्ति नींद की गड़बड़ी का शिकार है। देर रात मोबाइल का उपयोग, असंतुलित खानपान और तनाव इसके प्रमुख कारण हैं।

*योग: निद्रा की चाबी*

योग केवल शरीर को लचीलापन ही नहीं देता, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है। नियमित योगाभ्यास से गहरी और सुकूनभरी नींद आना संभव है।

*अनिद्रा से छुटकारा दिलाने वाले प्रमुख योगासन*

सूर्यनमस्कार: बारह आसनों का यह क्रम शरीर को सक्रिय बनाकर मेरुदंड को लचीला करता है और नींद को गहरा करता है।

बालासन (Child Pose): तनाव दूर करता है और मन को शांत करता है।

विपरीत करणी: रक्त संचार को संतुलित कर मानसिक शांति देता है।

शवासन: सम्पूर्ण शरीर को रिलैक्सेशन की अवस्था में लाकर नींद लाने में मदद करता है।

भ्रामरी प्राणायाम: मस्तिष्क की उत्तेजना कम करता है।

नाड़ी शोधन (अनुलोम-विलोम): वात, पित्त, कफ को संतुलित कर मानसिक अशांति कम करता है।

ध्यान और प्राणायाम का सकारात्मक प्रभाव

योगासन के साथ प्रतिदिन 15 मिनट ध्यान करने से विचार नियंत्रित होते हैं और मन स्थिर होता है। इससे नींद की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।

📌 विशेषज्ञ की राय

नोएडा के योगाचार्य सतीश यादव कहते हैं—
“रोजाना रात को सोने से पहले 15 मिनट ध्यान करने वाले रोगियों में अनिद्रा की समस्या में उल्लेखनीय कमी आती है। योग दवाओं पर निर्भरता घटाने का प्राकृतिक उपाय है।”

दैनिक जीवनशैली में ये परिवर्तन करें

1. सोने से पहले मोबाइल-टीवी से दूरी बनाएँ।

2. हल्का और संतुलित भोजन करें।

3. कैफीन और शराब का सेवन न करें।

4. निश्चित समय पर सोने की आदत डालें।

5. प्रतिदिन योग व प्राणायाम करें।

 

🛑 चेतावनी बॉक्स

लंबे समय तक अनिद्रा बनी रहने पर यह डिप्रेशन, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

👉 दवाइयों का अत्यधिक प्रयोग न करें, बल्कि आधुनिक चिकित्सा के साथ योग और ध्यान को भी अपनाएँ। अतः अनिद्रा से निजात पाने का सबसे सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय योग है। यह न केवल गहरी नींद लाता है बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH