Uttar Pradesh

मेडिकल डिवाइसेज का नया ग्लोबल डेस्टिनेशन बन रहा उत्तर प्रदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब केवल देश का सबसे बड़ा राज्य ही नहीं, बल्कि मेडिकल डिवाइसेज और मेड-टेक इनोवेशन का उभरता हुआ ग्लोबल डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ऐसी दूरदर्शी नीतियां लागू की हैं, जिनसे स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश, नवाचार और स्वदेशी उत्पादन को नई गति मिली है। तकनीक, उद्योग और स्वास्थ्य सेवाओं के समन्वय से यूपी आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका निभा रहा है।

जेवर के पास 350 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क

योगी सरकार द्वारा जेवर एयरपोर्ट के निकट 350 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा मेडिकल डिवाइस पार्क उत्तर प्रदेश को हाई-टेक चिकित्सा उपकरणों के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह पार्क इमेजिंग सिस्टम, डायग्नोस्टिक उपकरण, सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स और लाइफ-सेविंग मेडिकल डिवाइसेज के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। एयरपोर्ट के नजदीक होने से लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

मेड-टेक पॉलिसी से निवेशकों का बढ़ा भरोसा

राज्य सरकार की मेड-टेक नीति निवेशकों को आकर्षित करने में निर्णायक साबित हो रही है। इसके तहत भूमि लागत पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी, 100 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी छूट, पूंजी निवेश प्रोत्साहन और ब्याज अनुदान जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इन प्रोत्साहनों के चलते देश-विदेश की कई प्रमुख मेडिकल डिवाइस कंपनियां यूपी में निवेश के लिए आगे आ रही हैं, जिससे रोजगार और तकनीकी क्षमता दोनों में वृद्धि हो रही है।

आईआईटी कानपुर और एसजीपीजीआई से मजबूत हुआ एकेडेमिया-इंडस्ट्री लिंक

योगी सरकार ने शोध और उद्योग के बीच सेतु बनाने पर विशेष जोर दिया है। आईआईटी कानपुर, एसजीपीजीआई लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से स्वदेशी वेंटिलेटर, एआई-आधारित डायग्नोस्टिक्स और उन्नत मेडिकल टेक्नोलॉजी का विकास किया जा रहा है। यह मॉडल न केवल आयात पर निर्भरता घटा रहा है, बल्कि यूपी को मेड-टेक इनोवेशन हब के रूप में स्थापित कर रहा है।

ललितपुर का बल्क ड्रग पार्क देगा मेड-टेक को बैकएंड सपोर्ट

दवाओं के कच्चे माल यानी एपीआई की आत्मनिर्भरता के लिए ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क विकसित किया जा रहा है। यह पार्क मेडिकल डिवाइस और फार्मा उद्योग को मजबूत बैकएंड सपोर्ट देगा, जिससे सप्लाई चेन सुदृढ़ होगी और उत्पादन लागत कम होगी। योगी सरकार का यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा को रणनीतिक मजबूती प्रदान करता है।

डिजिटल हेल्थ मिशन से गांव तक पहुंची आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं

योगी सरकार के नेतृत्व में डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत ई-संजीवनी और टेली-मेडिसिन सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। इससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक तकनीक की पहुंच संभव हुई है। आम जनता को घर के पास परामर्श और उपचार मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक समावेशी और सुलभ बनी हैं।

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH