National

उत्तराखंड टनल रेस्क्यू: जिंदगी की जंग जीत गईं 41 जिंदगियां, अस्पताल में कराया गया भर्ती

देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी से मंगलवार को खुश कर देने वाली खबर सामने आई है। पिछले 17 दिन से सुरंग में मौत के बीच लड़ाई लड़ रहे मजदूरों को बाहर लाया जा चुका है। फिलहाल इन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके लिए उत्तराखंड के उत्तरकाशी सुरंग में 17 दिन से फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए दिन-रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इन मजदूरों के बाहर आने के इंतजार में टनल के आसपास डेरा जमाकर बैठे इनके परिजनों के दिलों की धड़कनें पल-पल बढ़ जा रही थी तो उम्मीद की हवा फिर से शांत कर दे रही थी।

गौरतलब है कि देवभूमि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में चार धाम प्रोजेक्ट के तहत ब्रह्माखाल-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर सिल्कयारा टनल का निर्माण चल रहा है। लगभग 853.79 करोड़ रुपए की लागत से बन रही कुल लंबाई 4.5 किलोमीटर लंबी इस टनल के बन जाने से होने से धरासू से यमुनोत्री की दूरी 26 किलोमीटर कम होगी आने-जाने में एक घंटे का समय बचेगा। प्रोजेक्ट 2018 में पास हुआ था और 2022 तक इस सुरंग को बनाने की डेडलाइन थी, लेकिन कोरोना काल के कारण सुरंग नहीं बन पाई और अब जब इसे बनाने का काम शुरू किया गया तो हादसा हो गया। 12 नवंबर 2023 दिवाली वाले दिन की सुबह करीब साढ़े 5 बजे अचानक लैंडस्लाइड हुआ और निर्माणाधीन सुरंग पर मलबा गिर गया और आंशिक रूप से धंस जाने के बाद से 41 मजदूर अंदर ही फंस गए।

जिस वक्त टनल में भूस्खलन हुआ उस समय वहां करीब 50 मजदूर काम कर रहे थे. इनमें से कुछ वक्त रहते बाहर निकल आए और 41 मजदूर सुरंग में ही फंस गए. बता दें कि इस सुरंग में मजदूर दो शिफ्ट में काम कर रहे थे. पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से रात आठ बजे तक काम करती थी, वहीं दूसरी शिफ्ट रात आठ से सुबह 8 तक सिलक्यारा टनल में काम करती थी. जो मजदूर सुरंग में फंस गए वह रात की शिफ्ट में काम कर रहे थे. कुछ घंटे बाद वह काम खत्म कर दिवाली मनाने के लिए जाने वाले थे, लेकिन ये अनहोनी हो गई और मजदूर टनल के अंदर फंस गए।

 

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH