नई दिल्ली। लोकसभा में आज दोपहर 12 बजे वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू इस बिल को लोकसभा में पेश करेंगे। इस बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय रखा गया है लेकिन सरकार ने कहा है कि अगर सदन की सहमति होगी तो चर्चा का वक्त बढ़ाया भी जा सकता है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर कांग्रेस नेता अतुल लोंढे का कहना है, “विपक्ष ने जेपीसी में जो भी संशोधन बताए थे, उन संशोधनों को लागू नहीं किया गया। जब संसद में कैबिनेट के सामने बिल रखा गया, तो विपक्ष का संशोधन उसमें नहीं रखा गया। फिर बाद में हंगामा हुआ, उसके बाद पता चला कि 44 संशोधनों में से 14 को मंजूरी मिली। वे (सरकार) जेपीसी में क्लॉज-बाय-क्लॉज चर्चा नहीं चाहते। 31 सदस्यों वाली जेपीसी में 20 एनडीए के हैं और 1 चेयरमैन, यानी 21 एनडीए के हैं और 10 विपक्ष के हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक पर असम विधानसभा के उपाध्यक्ष नुमाल मोमिन ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये बहुत अच्छी पहल है जो हमारे देश के गरीब मुसलमानों के उत्थान के लिए है। कांग्रेस की विचारधारा हमेशा गरीब मुस्लिम समुदाय का शोषण करने की रही है। वे नहीं चाहते कि गरीब मुसलमानों को बेहतर सुविधाएं मिलें। वे इन गरीब मुस्लिम लोगों का शोषण करना चाहते हैं। अगर ये बिल पारित हो जाता है, तो गरीब मुस्लिम लोगों को एक अवसर मिलेगा। मैं इस वक्फ बिल का समर्थन करता हूं और कांग्रेस की विचारधारा की निंदा करता हूं।”