RegionalTop News

“युद्ध नशियां विरुद्ध” बना जन-आंदोलन, नशा तस्करों पर पंजाब सरकार की कड़ी कार्रवाई

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में फरवरी 2025 से शुरू हुआ “युद्ध नशियां विरुद्ध” अभियान अब एक सशक्त जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य राज्य को नशे की गिरफ्त से मुक्त कर एक स्वस्थ, खुशहाल और प्रगतिशील पंजाब का निर्माण करना है। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नशामुक्त पंजाब के संकल्प को जनता के सहयोग से हर हाल में पूरा किया जाएगा।

राज्य सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है। पंजाब-पाकिस्तान की 553 किलोमीटर लंबी सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं, ताकि सीमा पार से हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इसके साथ ही तस्करों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई कर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पंजाब में अब नशे के कारोबार को किसी भी तरह का संरक्षण नहीं मिलेगा।

इस अभियान के तहत अब तक की उपलब्धियां सरकार के सख्त रुख को दर्शाती हैं। 6 नवंबर 2025 तक कुल 23,823 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 35,563 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान 1,525.068 किलोग्राम हेरोइन, 0.266 किलोग्राम स्मैक, 545.058 किलोग्राम अफीम, 26,254.965 किलोग्राम पोपी हस्क और हरे पौधे, 38.245 किलोग्राम चरस, 527.162 किलोग्राम गांजा, 4.124 किलोग्राम कोकीन, 15.156 किलोग्राम आइस और 36.978 किलोग्राम अन्य नशीला पाउडर बरामद किया गया है।

इसके अलावा 1,575 नशीले इंजेक्शन, 40,00,444 टैबलेट्स और कैप्सूल्स तथा 13,60,95,651 रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई है। सरकार का दावा है कि इस अभियान को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और आने वाले समय में इसे और तेज किया जाएगा, ताकि पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य साकार किया जा सके।

=>
=>
loading...
BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH