उत्तर प्रदेश के होनहार लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए योगी सरकार ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक पहल की। कैबिनेट बैठक में ‘भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना’ को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत हर साल 5 मेधावी छात्रों को ब्रिटेन के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में मास्टर्स डिग्री के लिए भेजा जाएगा और उनका पूरा खर्च सरकार तथा ब्रिटेन की सरकार मिलकर उठाएंगी।
योजना की खास बातें
योजना का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में रखा गया है।
ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) के सहयोग से लागू।
2025-26 से 2027-28 तक लागू, 30 मार्च 2028 तक नवीनीकरण का विकल्प।
चयनित छात्रों को *कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, इंपीरियल कॉलेज लंदन और किंग्स कॉलेज लंदन जैसे टॉप संस्थानों में पढ़ने का मौका।
खर्च और वहन
प्रति छात्र अनुमानित खर्च: 42,076 पाउंड (लगभग ₹45–50 लाख)
यूपी सरकार देगी: 19,800 पाउंड (करीब ₹23 लाख)।
शेष राशि का वहन करेगा ब्रिटेन का FCDO।
छात्रवृत्ति में ट्यूशन फीस, परीक्षा व शोध शुल्क, मासिक रहने का भत्ता और इकोनॉमी क्लास हवाई टिकट शामिल।
चयन प्रक्रिया
यूपी सरकार और FCDO की संयुक्त व पारदर्शी चयन प्रणाली।
केवल सबसे योग्य और आर्थिक रूप से वंचित छात्र ही पात्र।
छात्र एक वर्षीय मास्टर्स कोर्स के लिए ब्रिटेन जाएंगे।
सरकार की मंशा
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यह योजना अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्रेरित है। उनका मानना है कि यह पहल यूपी के युवाओं के लिए *‘गेम-चेंजर’* साबित होगी, जिससे वे वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे और आर्थिक तंगी उनके सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगी।




