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अनावश्यक भय का माहौल बनाने वालों, अफवाह फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 के संबंध में मंडलायुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी, आईजी, पुलिस कप्तान, सीएमओ, नगर आयुक्त आदि के साथ समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि अनावश्यक भय का माहौल बनाने वालों, अफवाह फैलाने वालों, जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत कोविड टीकाकरण सबसे बड़ा हथियार है। एक मई से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण किया जाना है। सभी जिला प्रशासन इस संबंध में आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करें। होम आइसोलेट मरीजों को समय से पर्याप्त मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। ऐसे मरीजों से हर दिन संवाद बनाया जाए। दवाओं का कोई अभाव नहीं है। किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर तत्काल शासन को अवगत कराएं। जनपद मेरठ, गोरखपुर, झांसी, बरेली, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर जिलों में पॉजिटिविटी दर अधिक है। यहां प्रवासी श्रमिकों का भी आगमन हो रहा है। निगरानी समितियों को प्रभावी कर प्रवासी श्रमिकों के बारे में जानकारी प्राप्त करें:

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों को आवश्यकतानुसार क्वॉरंटीन किया जाए। सभी जिलों में बेड्स बढ़ाए जाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। संबंधित मंडलायुक्त इसकी मॉनिटरिंग करते रहें। ऑक्सीजन की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सभी जिलाधिकारी इस संबंध में लगातार स्वास्थ्य विभाग, गृह विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से संपर्क में रहें।किसी भी जनपद में ऑक्सीजन की कमी नहीं होने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट’ के मंत्र को समझें, कोविड से लड़ाई में यह अति महत्वपूर्ण है। सभी जिलों में टेस्टिंग को बढ़ाया जाए। गुणवत्तापरक टेस्टिंग सुनिश्चित की जाए। शुक्रवार रात्रि 08 बजे से सोमवार प्रातः 07 बजे तक के कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी बनाया जाए। इस अवधि में व्यापक स्वच्छता और सैनिटाइजेशन की कार्यवाही हो। इस अवधि में औद्योगिक इकाइयां संचालित होती रहें। कोविड संक्रमित व्यक्ति की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के उपरांत उनका अंतिम संस्कार सम्मानजनक ढंग से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कराया जाए। एक भी नागरिक की मृत्यु दुःखद है, यह प्रदेश की क्षति है। उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार किया जाए।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH