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मप्र : चिकित्सकों को विशेषज्ञ बनाएगी मुंबई की संस्था

home-doctor-360x246भोपाल | मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निजी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसके तहत पहले अलिराजपुर की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गुजरात के दीपक फाउंडेशन से करार किया गया और अब सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों को मुंबई की संस्था द्वारा विशेषज्ञ बनाण् जाने की योजना पर काम हो रहा है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारियों की शनिवार को हुई बैठक में तय किया गया कि मुंबई की संस्था ‘कालेज ऑफ फिजिशियन एंड सर्जन’ द्वारा राज्य के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत एमबीबीएस चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह ने बताया कि सभी चिन्हित शासकीय संस्थाओं में आपातकालीन प्रसव एवं नवजात शिशु सेवाओं के विस्तार के लिए चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि महाराष्ट्र मुंबई की संस्था द्वारा प्रदेश के शासकीय चिकित्सकों को दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभागों में स्त्री रोग, निश्चेतना एवं शिशु रोग चिकित्सकों की कमी की पूर्ति के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि यह कोर्स दो वर्ष का होगा एवं शासकीय संस्थाओं में कार्यरत चिकित्सक इस कोर्स को करेंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना शासन की उच्च प्राथमिकता है और इसके लिए, आपातकालीन प्रसव एवं नवजात शिशु सेवाओं का विस्तार सभी चिह्न्ति शासकीय संस्थाओं में किया जाना है। गौरतलब है कि राज्य सरकार का स्वास्थ्य विभाग आदिवासी बहुल जिले अलिराजपुर के दो अस्पतालों की सेवाएं गुजरात के दीपक फाउंडेशन को सौंपे जाने का पहले ही करार कर चुका है और अब चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने के लिए मुंबई की संस्था को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

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