पबजी के बैन के बाद फैंस काफी लम्बे समय तक पबजी मोबाइल का नया वर्जन बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया का इंतज़ार कर रहे थे। बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया भारत में 18 जून को लॉन्च किया गया था, आपको बता दें कि बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया का अभी बीटा वर्जन ही रिलीज हुआ है मगर इस वीडियोगेम के दीवाने इतने हैं कि महज तीन दिन में 50 लाख ने गेम को डाउनलोड कर लिया है। पबजी को भारत में प्राइवेसी और सिक्योरिटी के नियमो का उल्लंघन करने पर बैन किया गया था। उसके बाद गेम को डेलवप करने वाली कंपनी क्राफ्टोन ने चीन से नाता तोड़ लिया और फिर खुद गेम को भारत में लॉन्च किया, लेकिन अब बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया के साथ भी चाइनीज कनेक्शन सामने आ रहा है। कहा जा रहा है कि बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया का डाटा भी चीन के किसी सर्वर पर स्टोर हो रहा है।
पबजी के नए अवतार को डेवलप करने वाली कंपनी क्राफटोन ने लॉन्चिंग से पहले कहा था कि वह गेम का संचालन भारत सरकार के नियमों के मुताबिक होगा और प्लेयर्स की प्राइवेसी कंपनी की पहली प्राथमिकता होगी। अब एक नई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि गेम के एंड्रॉयड यूजर्स का डाटा चीन के सर्वर पर भेजा जा रहा है। इन सर्वर की लिस्ट में टेनसेंट की सहायक कंपनियों का भी नाम आ रहा है। बता दें कि पहले भारत में पबजी का संचालन टैंसेंट ही करती थी।
बता दें कि पबजी मोबाइल के नए अवतार बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया को 18 जून को भारत में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया है। पबजी मोबाइल को पिछले साल भारत में बैन कर दिया गया था जिसके बाद क्राफ्टोन ने बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया को भारत में लॉन्च किया है।




