काबुल। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत के बीच रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं। करीब दो महीने से दोनों देशों की सीमा यानी डूरंड लाइन पर फायरिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें पाकिस्तान के 12 सैनिक और 7 नागरिक मारे जा चुके हैं। TTP भी पाकिस्तान में लगातार हमले कर रहा है। हाल ही में उसने इस्लामाबाद में तक फिदायीन हमला किया था।
د پاکستان داخله وزیر ته !
عالي جنابه! افغانستان سوريه او پاکستان ترکیه نده چې کردان په سوریه کې په نښه کړي.
دا افغانستان دى د مغرورو امپراتوريو هديره.
په مونږ دنظامي يرغل سوچ مه کړه کنه دهند سره دکړې نظامي معاهدې د شرم تکرار به وي داخاوره مالک لري هغه چې ستا بادار يې په ګونډو کړ. pic.twitter.com/FFu8DyBgio— Ahmad Yasir (@AhmadYasir711) January 2, 2023
इस बीच पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने गुरुवार को अफगान तालिबान को धमकी देते हुए कहा कि अगर उसने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को हमारे मुल्क में हमलों से नहीं रोका तो हम अफगानिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारेंगे। इसका जवाब अफगान तालिबान के डेप्युटी प्राइम मिनिस्टर अहमद यासिर ने बेहद तल्ख लहजे में दिया। यासिर ने 1971 में भारत के हाथों पाकिस्तानी फौज की हार और सरेंडर की फोटोग्राफ शेयर की और कहा- इस तरह का अंजाम याद रखना।
यासिर ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘बहुत अच्छी बात है पाकिस्तान के गृह मंत्री जी! यह अफगानिस्तान है, जहां बड़ी-बड़ी ताकतों की कब्रगाह बनी है। हम पर हमला करने की सोचिएगा भी मत, नहीं तो वैसे ही सरेंडर करेंगे जैसे भारत के सामने किया था।’ उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि पाकिस्तान खुद को तुर्की न समझे कि वह उसी तरह हमें निशाना बना लेगा जैसे सीरिया में कुर्दों को बनाया जाता है।
बता दें कि गुरुवार को पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के हमलों के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था। पाकिस्तान के मंत्री ने अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान को निशाने पर लेते हुए कहा था, ‘TTP के आतंकी पाकिस्तान में हमलों के बाद अफगानिस्तान में पनाह लेते हैं। अगर ये हमले बंद नहीं हुए तो हम अफगानिस्तान में घुसकर इन आतंकियों को मारेंगे। हमें पता है कि अफगानिस्तान के किन हिस्सों में और कहां TTP के आतंकी पनाह लेते हैं और उन्हें हथियार कहां से मिलते हैं।’




