देवरिया। उप्र के देवरिया नरसंहार कांड में पैमाइश के बाद तहसील कोर्ट ने प्रेमचंद यादव के पिता समेत समेत तीन आरोपियों को बेदखली का आदेश जारी किया है। हालांकि प्रेम के वकील ने कहा कि इस आदेश के बाद वह डीएम कोर्ट में अपील करेंगे। इसके लिए 30 दिन का समय होता है। इसके पहले अगर कोई कार्यवाही होगी तो यह कानून की अवहेलना मानी जाएगी।
उधर, सत्य प्रकाश दुबे के बेटे देवेश ने कहा कि 13 अक्टूबर को हमारे पिता का श्राद्ध है। अगर इसके पहले प्रेमचंद यादव समेत अन्य आरोपियों का घर नहीं गिरा तो हम श्राद्ध नहीं मनाएंगे। इसके बाद मामला गरमा गया है।
गौरतलब है कि देवरिया जिले के फतेहपुर गांव के लेहड़ा टोला में बीते 2 अक्टूबर को जमीन विवाद में 6 लोगों की हत्या हो गई। गांव के सत्य प्रकाश दुबे के दरवाजे पर पहले पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की हत्या हुई।
इसके प्रतिशोध में उमड़ी भीड़ ने सत्य प्रकाश दुबे उनकी पत्नी दो बेटियों और एक बेटे समेत पांच लोगों की हत्या कर दी। इस नरसंहार में सत्य प्रकाश का एक बेटा मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहा है, जबकि एक अन्य बेटा देवेश जिंदा बचा है।
कोर्ट ने दिया बेदखली का आदेश
इस घटना के पूर्व सत्य प्रकाश दुबे ने प्रेमचंद यादव समेत अन्य कई लोगों के खिलाफ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने की शिकायत की थी। जिला प्रशासन ने प्रेमचंद समेत अन्य कई आरोपियों के घर की पैमाइश कराई।
इसमें तीन लोगों का घर सरकारी जमीन पर होना पाया गया। बुधवार को तहसील कोर्ट ने प्रेमचंद यादव के पिता राम भवन यादव के खिलाफ बेदखली का आदेश दिया। आदेश के मुताबिक रामभवन यादव मकान खाली कर दे।
अंशिका ने सीएम से लगाई गुहार
दूसरी ओर, तहसील कोर्ट द्वारा दिए गए बेदखली के आदेश के बाद बाद प्रेमचंद की बेटी अंशिका ने सीएम योगी से मकान ना गिराने की गुहार लगाई है। अंशिका ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि आज मेरा जन्मदिन है। मुख्यमंत्री जी तोहफा के रूप में यह घर हमें दे दें और हमारा घर न गिराया जाए। अगर हमारा घर गिर जाएगा तो हम कहां रहेंगे। हमें न्याय चाहिए। हमारे साथ न्याय नहीं हो रहा है।




