अयोध्या। रामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़ीं और विख्यात रामकथा वाचिका ओम श्री भारती की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के मुताबिक उन्हें दौरा पड़ने के बाद तत्काल लखनऊ स्थित Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences (एसजीपीजीआई) में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
ओम श्री भारती रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान वर्ष 1990 में सक्रिय भूमिका में रहीं। आंदोलन के कठिन दौर में उन्होंने कई कारसेवकों की मदद की थी। बताया जाता है कि उस समय वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल समेत करीब 150 कारसेवकों की जान बचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
इतना ही नहीं, कोठारी बंधुओं को भी उन्होंने शरण दी थी। आंदोलन के दौरान कोठारी बंधु जिन परिस्थितियों में शहीद हुए, उस दौर की घटनाओं में ओम श्री भारती का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है। अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। समर्थक उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से नियमित निगरानी में उपचार जारी है।




