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हरियाणा में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का डेटा तुरंत अपडेट करने के आदेश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

हरियाणा सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के रिकॉर्ड में सामने आ रही गड़बड़ियों को लेकर सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने कहा है कि सिक्योरिटी ऑफ सर्विस पोर्टल पर दर्ज कर्मचारियों की जानकारी में मौजूद त्रुटियों और लंबित मामलों को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को कानून के तहत मिलने वाले लाभ समय पर मिल सकें।

मानव संसाधन विभाग की ओर से जारी निर्देशों में बताया गया है कि इस संबंध में पहले भी आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन कई विभागों में अब तक डेटा अपडेट नहीं किया गया है। इसके कारण ओटीपी जनरेशन और अन्य तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड और निगमों के अधिकारियों तथा उपायुक्तों को इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर हल करने को कहा है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि हरियाणा कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों (सेवा सुरक्षा) अधिनियम-2024 और नियम-2025 के तहत कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ डेटा अपडेट न होने से प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए सभी विभागों को तुरंत आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वाले विभागों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जांच में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं। कई कर्मचारियों के मोबाइल नंबर पोर्टल पर गलत दर्ज हैं या बदल चुके हैं। कुछ कर्मचारियों का पद या डेजिग्नेशन दिखाई नहीं दे रहा है। कई मामलों में डीडीओ और विभागाध्यक्षों के मोबाइल नंबर भी गलत पाए गए हैं। इसके अलावा कुछ सरकारी संस्थानों के डीडीओ पोर्टल पर सक्रिय नहीं हैं और कुछ मामलों में डीडीओ कोड में बदलाव या सुधार की जरूरत बताई गई है।

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग पोर्टल पर लंबित डेटा तुरंत अपडेट करें। कर्मचारियों की सही जानकारी और मोबाइल नंबर दर्ज किए जाएं। डीडीओ और विभागाध्यक्षों से जुड़ी जानकारी भी सही की जाए और तकनीकी समस्याओं को जल्द ठीक कर इसकी रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए।

सरकार के अनुसार यह अपडेट इसलिए जरूरी है क्योंकि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा कानून के तहत मिलने वाले लाभ सही डेटा पर निर्भर करते हैं। ओटीपी और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी सही मोबाइल नंबर से ही संभव है। गलत जानकारी होने से पात्र कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ में देरी हो सकती है।

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BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH