हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के लाखों लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत कुल ₹1884 करोड़ की राशि जारी की है। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत ₹842 करोड़ 92 लाख की राशि 26 लाख 12 हजार लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से किया गया यह भुगतान सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सीएम सैनी ने बताया कि सरकार के प्रोएक्टिव मॉडल के तहत परिवार पहचान पत्र (PPP) डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वतः निर्धारित हो जाती है, जिससे लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचता है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 की फसलों के लिए किसानों को बीमा क्लेम भी वितरित किया गया है। इसके तहत 1 लाख 67 हजार 460 किसानों के बैंक खातों में ₹711 करोड़ 69 लाख की राशि जारी की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के लगभग 11 हजार 199 आढ़तियों को भी ₹56 करोड़ 97 लाख की राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी गई है। खरीफ खरीद सत्र 2025-26 के दौरान आढ़तियों को अब तक करीब ₹239 करोड़ 28 लाख का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि रबी-खरीफ सत्र 2024-25 से गेहूं, धान और बाजरा की खरीद पर आढ़तियों को ₹55 प्रति क्विंटल की दर से कमीशन देने का फैसला लिया गया है।
सीएम सैनी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तय कमीशन के अतिरिक्त धान और बाजरा पर शेष राशि का भुगतान राज्य सरकार की ओर से किया गया है। इसके अलावा दयालु योजना के तहत 5 हजार 409 परिवारों को ₹205 करोड़ 42 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इस राशि को मिलाकर अब तक 55 हजार 407 परिवारों को कुल ₹2086 करोड़ 77 लाख की सहायता दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आवारा पशुओं के हमले से घायल होने या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता देने के लिए दयालु योजना-2 लागू कर दी गई है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 12 हजार 353 लाभार्थियों के खातों में मकान निर्माण के लिए ₹67 करोड़ की राशि भेजी गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 से अब तक इस योजना के तहत लाभार्थियों को ₹720 करोड़ 22 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।




