खाड़ी देशों से एलपीजी लेकर आ रहा भारतीय जहाज शिवालिक होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर चुका है और थोड़ी देर में भारत पहुंचने वाला है। शिपिंग मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जहाज युद्ध प्रभावित क्षेत्र से निकलकर भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश कर चुका है और शाम करीब पांच बजे तक इसके भारत पहुंचने की संभावना है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्गो उतारने की प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होगी।
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 22 जहाज रुके हुए हैं। इस बीच यूएई से कच्चा तेल लेकर रवाना हुआ जहाज ‘जग लाडकी’ भी सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहा है और इसके कल मुंद्रा पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है। वहीं एलपीजी लेकर आ रहा भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ कल कांडला बंदरगाह पर पहुंचेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि ईरान से 550 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। ये सभी लोग जमीनी सीमा के रास्ते ईरान से आर्मेनिया के लिए रवाना हो चुके हैं। इनमें 234 लोग धार्मिक यात्रा पर गए थे। इसके अलावा 90 भारतीय अज़रबैजान के रास्ते भारत लौट रहे हैं।
जायसवाल ने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने इन नागरिकों की मदद के लिए वीजा और आव्रजन से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा कराने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात के बावजूद तेहरान में भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय है और पिछले कुछ दिनों में तेहरान से बाहर के भारतीय छात्रों को अधिक सुरक्षित शहरों में स्थानांतरित किया गया है।
विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र से अब तक करीब 20 हजार भारतीय यात्री स्वदेश लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और ओमान से भारत के विभिन्न शहरों के लिए नियमित उड़ानें संचालित की जा रही हैं। कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, जबकि कुवैत का एयरस्पेस 28 फरवरी 2026 से बंद है। बहरीन और इराक में एयरस्पेस बंद होने के कारण वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब के जरिए आने-जाने में मदद दी जा रही है।




