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UP को मिला सबसे लंबा एक्सप्रेसवे : हरदोई से PM मोदी ने किया लोकार्पण, मेरठ-प्रयागराज सफर होगा अब सुपरफास्ट

उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ी रफ्तार देते हुए PM मोदी ने 29 अप्रैल को हरदोई से प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर दिया। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी यूपी को सीधे जोड़ते हुए आवागमन को बेहद आसान बनाने वाला है।इस मेगा प्रोजेक्ट की नींव दिसंबर 2021 में रखी गई थी और अब लगभग पांच साल बाद यह आम जनता के लिए खोल दिया गया है। करीब 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे।

मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुड़ापुर दांडू तक जाने वाला यह एक्सप्रेसवे गंगा नदी से सुरक्षित दूरी पर बनाया गया है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। यह मार्ग राज्य के 12 जिलों—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को आपस में जोड़ेगा। अब तक मेरठ से प्रयागराज पहुंचने में 10 से 12 घंटे का समय लगता था, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से यह दूरी महज 6 से 7 घंटे में तय की जा सकेगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि यात्रा भी ज्यादा सुविधाजनक बनेगी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं

यह एक्सप्रेसवे 500 से ज्यादा गांवों से होकर गुजरता है और इसमें 21 इंटरचेंज, कई टोल प्लाजा और रैंप बनाए गए हैं। खास बात यह है कि शाहजहांपुर के पास 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप भी विकसित की गई है, जहां जरूरत पड़ने पर वायुसेना के विमान उतर सकते हैं।इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के किनारे 12 इंडस्ट्रियल नोड विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए पहले ही हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इससे क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बढ़ावा

इस एक्सप्रेसवे के जरिए गढ़मुक्तेश्वर, अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। भविष्य में इसे हरिद्वार और बलिया तक विस्तार देने की योजना भी है। गंगा एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों से लेकर कार तक सभी के लिए टोल लागू किया गया है। दोपहिया वाहनों के लिए करीब 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर और कार व हल्के वाहनों के लिए लगभग 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH