अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार बताया। मां शारदा की पावन भूमि पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। योग दिवस के मौके पर प्रदेश के सभी जिलों में पहाड़ से लेकर मैदान तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हजारों लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली एक संपूर्ण जीवनशैली है। योग व्यक्ति को मानसिक स्थिरता प्रदान करता है और उसे सकारात्मक एवं सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि नियमित योग और प्राणायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
योग ने दुनिया को जोड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है और भारतीय संस्कृति के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ तथा ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ जैसे मूल्यों को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक मान्यता मिली और आज 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं।
उत्तराखंड बनेगा योग और वेलनेस का वैश्विक केंद्र
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने देश की पहली योग नीति लागू की है। इसके तहत योग और ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं और सभी आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
शारदा कॉरिडोर से मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य शारदा नदी तट को योग और आध्यात्मिक साधना के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि लगभग 3,300 करोड़ रुपये की लागत से शारदा कॉरिडोर परियोजना पर काम चल रहा है, जिसके तहत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट और विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्य शुरू किए जा चुके हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। साथ ही उन्होंने युवाओं से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।




