मुजफ्फरपुर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को मुजफ्फरपुर को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दी। सिकंदरपुर लेक फ्रंट (मरीन ड्राइव) के उद्घाटन के बाद एमआईटी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बिहार के पहले आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग संस्थान की स्थापना की घोषणा की। यह संस्थान मुजफ्फरपुर के एमआईटी परिसर में बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अगले 10 दिनों के भीतर एक बार फिर मुजफ्फरपुर आएंगे और पताही एयरपोर्ट निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने शहर में विकसित होने वाली नई टाउनशिप का नाम ‘तिरहुत टाउनशिप’ रखने का भी एलान किया। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने 1047 करोड़ रुपये की लागत वाली 981 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, बिहार सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन की शुरुआत बाबा गरीबनाथ को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर संतों, महापुरुषों और क्रांतिकारियों की ऐतिहासिक धरती रही है। भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की इस कर्मभूमि की विरासत को सहेजना और आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में आधुनिक शहरी विकास के तहत 12 नए टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें मुजफ्फरपुर की टाउनशिप को ‘तिरहुत टाउनशिप’ नाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए राज्य में आधुनिक शहर बसाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एमआईटी परिसर में बनने वाला आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग संस्थान राज्य के युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा प्रदान करेगा और बिहार के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा। पताही एयरपोर्ट को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तर बिहार के लोगों की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब उनकी सरकार पूरा करने जा रही है। एयरपोर्ट के निर्माण से क्षेत्र के व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि मुजफ्फरपुर को भविष्य में रैपिड रेल परियोजना से जोड़ा जाएगा। इसके शुरू होने के बाद पटना तक का सफर, जो वर्तमान में करीब दो घंटे का है, मात्र 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे उत्तर बिहार के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले उत्तर बिहार बाढ़ और खराब सड़कों की समस्या से जूझ रहा था, लेकिन अब एक्सप्रेस-वे, पुल-पुलिया और सड़क नेटवर्क के विस्तार से विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में भी व्यापक कार्य किए गए हैं, जिससे लोगों का जीवन पहले से अधिक आसान हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में मुजफ्फरपुर शिक्षा, आधारभूत संरचना, परिवहन और शहरी विकास के क्षेत्र में उत्तर बिहार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।




