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ट्रंप ने होर्मुज पर नाकेबंदी का ऐलान किया, कहा- ईरान से कारोबार करने वाले जहाजों की आवाजाही रोकी जाएगी

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू करेगा। उनके मुताबिक यह प्रतिबंध ईरान और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर लागू होगा, जबकि अन्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों को जलमार्ग से गुजरने की अनुमति रहेगी।

ट्रंप ने सोमवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए हुए है और नाकेबंदी का उद्देश्य केवल ईरान से जुड़े व्यापारिक जहाजों को रोकना है। ट्रंप के अनुसार, ईरान के साथ कारोबार करने वाले जहाज इस मार्ग का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, जबकि अन्य देशों के जहाजों की आवाजाही जारी रहेगी।

ट्रंप का दावा, ईरान की सैन्य क्षमता को पहुंचा भारी नुकसान

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि हाल के सैन्य अभियानों में ईरान की नौसेना, वायुसेना, मिसाइल प्रणाली और ड्रोन निर्माण क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि केवल सैन्य कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आर्थिक और समुद्री प्रतिबंधों का संयुक्त प्रभाव ज्यादा असरदार साबित होगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी अभियानों से ईरान की ड्रोन निर्माण क्षमता में लगभग 92 प्रतिशत और मिसाइल निर्माण क्षमता में करीब 89 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

होर्मुज की सुरक्षा के लिए शुल्क लेने का भी प्रस्ताव

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका खुद को “गार्डियन ऑफ द होर्मुज स्ट्रेट” के रूप में स्थापित करेगा और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की लागत की भरपाई के लिए इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से 20 प्रतिशत शुल्क लेने पर भी विचार किया जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है और यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH