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पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, गैरमौजूदगी में मुकदमे का रास्ता साफ

पहलगाम आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ भारत में कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। जम्मू की एक अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। माना जा रहा है कि इस आदेश के बाद हाफिज सईद के खिलाफ भारत में ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’ यानी आरोपी की गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। जांच एजेंसियों की ओर से अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। हाफिज सईद लंबे समय से भारत में कई आतंकी हमलों के मामलों में वांछित रहा है।

 पाकिस्तान में मौजूद है हाफिज सईद

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद फिलहाल पाकिस्तान में मौजूद है और उसे भारत लाना संभव नहीं हो पा रहा है। एजेंसी ने अदालत से अनुरोध किया कि कानून के तहत उसके खिलाफ गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। अदालत ने एनआईए की दलीलों से सहमति जताते हुए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।

मुंबई हमले समेत कई मामलों में वांछित

हाफिज सईद को 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का प्रमुख साजिशकर्ता माना जाता है। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। भारत सरकार उसे कई अन्य आतंकी गतिविधियों और हमलों के मामलों में भी वांछित मानती है।

क्या है ट्रायल इन एब्सेंशिया का प्रावधान

नए आपराधिक कानूनों के तहत भारत में ऐसा प्रावधान किया गया है, जिसके अनुसार यदि कोई आरोपी देश से फरार हो, जानबूझकर अदालत के सामने पेश न हो रहा हो और उसके खिलाफ गंभीर अपराधों के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हों, तो उसकी गैरमौजूदगी में भी मुकदमा चलाया जा सकता है। इस प्रक्रिया के तहत अदालत पहले आरोपी को समन और वारंट जारी कर पेश होने का अवसर देती है। इसके बावजूद यदि आरोपी अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होता, तो उसे भगोड़ा घोषित किया जा सकता है और उसके खिलाफ अनुपस्थिति में सुनवाई शुरू की जा सकती है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH