रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में सड़क निर्माण परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने लंबित सड़क, फ्लाईओवर और पुल-पुलिया परियोजनाओं को अगले दो महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही या अनावश्यक देरी के लिए संबंधित अधिकारियों, अभियंताओं और कार्यदायी एजेंसियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्षों से लंबित परियोजनाओं के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राजधानी रांची सहित राज्य के अन्य क्षेत्रों की सभी लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यों में देरी और लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक समेत अन्य नई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्माण की गुणवत्ता, मजबूती और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुल-पुलियों के किनारों को मजबूत बनाने, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करने पर जोर दिया।
सभी परियोजनाओं की होगी जियो-टैगिंग
हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की सभी परियोजनाओं का अद्यतन और व्यवस्थित डाटाबेस तैयार करने तथा जियो-टैगिंग अनिवार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की लागत, समय-सीमा, वर्तमान स्थिति और प्रगति का पूरा विवरण उपलब्ध होना चाहिए, ताकि निगरानी व्यवस्था अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सके। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों की समय पर पहचान कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
गड्ढों और जलजमाव पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, जलजमाव और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की लगातार जानकारी मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करें और उनके निस्तारण का नियमित रिकॉर्ड भी तैयार रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के मौसम में खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए गड्ढों की तत्काल मरम्मत, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था और सड़कों की गुणवत्ता सुधारने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही संकीर्ण मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य भी तेजी से पूरा किया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा मिल सके। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




