रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज होने के बीच उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजभर का दावा है कि जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में आजम खान को फंसाने की साजिश उनकी ही सरकार के दौरान रची गई थी।
ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जौहर विश्वविद्यालय पर कानून अपना काम कर रहा है और यदि कार्रवाई से बेचैनी है तो उसके कारणों पर भी विचार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय सरकारी संसाधनों और जमीन पर खड़ा किया गया, जबकि उसका संचालन एक ट्रस्ट के माध्यम से किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अब जब अवैध निर्माणों पर कार्रवाई हो रही है तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
वहीं, समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में राजभर ने कहा कि यदि उस समय संबंधित जमीन का रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के नाम विधिवत दर्ज करा दिया गया होता, तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा न करके भविष्य में आजम खान को कानूनी मुश्किलों में डालने की जमीन तैयार की गई। राजभर ने कहा कि आज आजम खान उसी का खामियाजा भुगत रहे हैं।
इस बीच, रामपुर विकास प्राधिकरण की जांच में जौहर विश्वविद्यालय परिसर की 40 इमारतों का निरीक्षण किया गया। जांच में कथित तौर पर 40 में से 38 इमारतों का निर्माण स्वीकृत नक्शे के बिना पाया गया। इसके बाद संबंधित निर्माणों को गिराने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने विश्वविद्यालय परिसर से गुजरने वाली एक सड़क को सार्वजनिक मार्ग घोषित करते हुए वहां बोर्ड लगा दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जौहर विश्वविद्यालय का मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बन गया है।




