कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने एक स्ट्रीट फूड विक्रेता को गिरफ्तार किया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
BJP नेता की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी के सर्वज्ञनगर विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारी अभिलाष रेड्डी की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट साझा किए थे।प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और गुरुवार को आरोपी को हिरासत में ले लिया।
फुटपाथ पर चलाता है बिरयानी स्टॉल
जांच में सामने आया है कि आरोपी हडसन बेंगलुरु के कम्मनहल्ली इलाके में ‘पांडियाज बिरयानी’ नाम से स्ट्रीट फूड स्टॉल संचालित करता है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।
इधर छात्रों के नाम प्रधानमंत्री का संदेश
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक के मुद्दे पर देश के छात्रों को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया के जरिए वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के लिए नया कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने बताया कि इस संबंध में एक कड़े कानून का मसौदा केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में पेश कर जल्द लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।
सोनम वांगचुक ने समाप्त किया अनशन
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने जूस पीकर 28 जून से जारी भूख हड़ताल खत्म की। सरकार की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।




