महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। कर्जत तहसील के जलालपुर गांव की रहने वाली छात्रा अंकिता सांगले की मौत हो गई। परिवार का दावा है कि NEET की दोबारा आयोजित परीक्षा में उम्मीद से कम अंक आने के बाद वह मानसिक तनाव में थी। पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, अंकिता अपने घर के एक कमरे में पढ़ाई कर रही थी। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला, जहां वह मृत मिली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
परिजनों का कहना है कि अंकिता को NEET की दोबारा हुई परीक्षा में 166 अंक मिले थे। उनका दावा है कि परिणाम से वह बेहद निराश थी और इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस को घटनास्थल से एक नोट भी मिला है, जिसमें NEET परीक्षा का जिक्र होने की बात सामने आई है। इसकी भी जांच की जा रही है। घटना के बाद स्थानीय सांसद नीलेश लंके पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस मामले में सरकार पर सवाल उठाते हुए मांग की कि यदि जांच में परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि इससे पहले भी मई 2026 में महाराष्ट्र से ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जिसमें NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत हुई थी। उसके परिवार ने भी परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़े मानसिक तनाव को इसकी वजह बताया था। यदि आप या आपका कोई परिचित परीक्षा, पढ़ाई या किसी अन्य कारण से मानसिक तनाव का सामना कर रहा है, तो किसी भरोसेमंद परिवारजन, शिक्षक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना मददगार हो सकता है। समय पर सहायता लेना महत्वपूर्ण है।




