झारखंड सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और कुशल व्यावसायिक चालकों की कमी दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के पहले इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) की स्थापना के लिए मंगलवार को परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर होंगे। रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में होने वाले इस समझौते के साथ 22.03 करोड़ रुपये की परियोजना पर औपचारिक रूप से काम शुरू हो जाएगा। यह अत्याधुनिक संस्थान जमशेदपुर के टेल्को क्षेत्र स्थित मनपीटा में करीब 11.88 एकड़ भूमि पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
केंद्र, राज्य और टाटा मोटर्स मिलकर करेंगे निवेश
परियोजना की कुल लागत में केंद्र सरकार का सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 17 करोड़ रुपये का अनुदान देगा। वहीं झारखंड सरकार 3.21 करोड़ रुपये और टाटा मोटर्स अपने सीएसआर फंड से 1.82 करोड़ रुपये का योगदान करेगी। हालांकि इस परियोजना की शुरुआत के प्रयास वर्ष 2015 में भी हुए थे, लेकिन उस समय इसे अमल में नहीं लाया जा सका। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 12 मार्च 2026 को राज्य मंत्रिमंडल ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दी, जिसके बाद इसे गति मिली।
टाटा मोटर्स को संचालन की जिम्मेदारी
सरकार ने संस्थान के संचालन की जिम्मेदारी टाटा मोटर्स को सौंपी है। कंपनी का जमशेदपुर में वाणिज्यिक वाहनों का प्रमुख विनिर्माण संयंत्र है और देश के कई राज्यों में ऐसे प्रशिक्षण संस्थानों के संचालन का अनुभव भी है। जबकि संस्थान की नीतिगत निगरानी और नियंत्रण राज्य सरकार के पास रहेगा।
वैज्ञानिक तकनीक से मिलेगा प्रशिक्षण
आईडीटीआर में आधुनिक ड्राइविंग ट्रैक, सिमुलेटर, वाहन परीक्षण केंद्र और प्रशिक्षक विकास केंद्र जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां हर वर्ष 3,000 से अधिक चालकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्थान में महिला चालकों, विशेषकर पिंक ऑटो चलाने वाली महिलाओं के प्रशिक्षण और सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह संस्थान सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।




