प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीट पेपर लीक मुद्दे पर छात्रों को संबोधित करने वाले वीडियो को फेसबुक से हटाए जाने के बाद शुरू हुए विवाद पर अब मेटा ने सफाई दी है। कंपनी ने स्वीकार किया कि वीडियो तकनीकी गलती के कारण हटाया गया था और अब उसे दोबारा बहाल कर दिया गया है। मेटा के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा, “यह कंटेंट गलती से हट गया था, जिसे अब बहाल कर दिया गया है।”
सरकार ने लिया मामले का संज्ञान
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और मेटा के अधिकारियों से इस संबंध में जवाब भी मांगा गया है।
क्या था वीडियो में?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जुलाई की रात देश के छात्रों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए नीट पेपर लीक मामले पर वीडियो संदेश जारी किया था। वीडियो में उन्होंने कहा कि पेपर लीक लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक है और सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष बचाना था, इसलिए कम समय में करीब 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षाएं कराई गईं और समय पर परिणाम भी घोषित किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संतुष्ट होकर नहीं बैठेगी और परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
एंटी पेपर लीक कानून पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बताया कि उनकी पहल पर संसद में एंटी पेपर लीक विधेयक लाया गया है, जिसमें पेपर लीक जैसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। फेसबुक से वीडियो हटने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। अब मेटा की ओर से वीडियो बहाल किए जाने और गलती स्वीकार करने के बाद विवाद पर कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आ गया है।




