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आंध्र प्रदेश को PM मोदी की बड़ी सौगात, भोगपुरम एयरपोर्ट समेत कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

विजयनगरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य के बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति देंगी।

भोगपुरम एयरपोर्ट से उत्तर आंध्र को मिलेगी नई उड़ान

प्रधानमंत्री ने भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश और उत्तर आंध्र के विकास का नया रनवे है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगी। पीएम मोदी ने कहा, “अल्लूरी सीताराम राजू ने जिस धरती पर आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, आज उसी भूमि पर एक नए एयरपोर्ट की शुरुआत हो रही है। यह आंध्र प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा।”

रोड कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्घाटन और शिलान्यास की गई परियोजनाएं केवल हवाई संपर्क तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सड़क संपर्क और ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि ये विकास कार्य इस बात का प्रमाण हैं कि आंध्र प्रदेश तेज़ी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है।

ब्लू इकोनॉमी और पोर्ट विकास पर जोर

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार देश की ब्लू इकोनॉमी को लगातार मजबूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक पुराने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जबकि मुलापेटा और रामायापट्टनम में नए पोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। उनका लक्ष्य पूरे तटीय क्षेत्र को कोस्टल इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करना है।

सेमीकंडक्टर उद्योग पर सरकार का फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं की प्रतिभा का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सरकार सेमीकंडक्टर जैसी भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ढिमसा नृत्य ने बनाया नया रिकॉर्ड

कार्यक्रम में 13 हजार से अधिक आदिवासी महिलाओं और बेटियों ने पारंपरिक ढिमसा नृत्य की प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री ने इस सांस्कृतिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध जनजातीय विरासत का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने सभी कलाकारों, विशेषकर आदिवासी महिलाओं और बेटियों को इस शानदार प्रस्तुति के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक गौरव का भी प्रतीक है।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH