पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ISI समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों मॉड्यूल अलग-अलग आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी में थे। जांच में सामने आया कि पहला मॉड्यूल रेलवे ट्रैक के आसपास CCTV कैमरे लगाकर उनकी फुटेज पाकिस्तान भेज रहा था, जबकि दूसरा मॉड्यूल पेट्रोल बम के जरिए पुलिस स्टेशन, पुलिसकर्मियों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हमले की साजिश रच रहा था।
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह नेटवर्क सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां विदेशी हैंडलर्स ने उन्हें जरूरी सामान उपलब्ध कराया था। पुलिस को यह भी संदेह है कि इस नेटवर्क को उत्तर प्रदेश से भी कुछ सामग्री मुहैया कराई गई थी। पूरे मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ISI हैंडलर्स के निर्देश पर स्थानीय युवाओं की भर्ती, सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी, अवैध हथियार जुटाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश में शामिल थे। एक अलग अभियान में गिरफ्तार किए गए दो नाबालिगों के पास से .32 बोर की देसी पिस्तौल, दो पेट्रोल बम और एक लाइटर बरामद किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वंश कुमार (19), अनमोल सिंह (20), हरमन सिंह उर्फ हम्मु (24), सुखदेव सिंह (30) और सुखमान सिंह (19) के रूप में हुई है। इनके अलावा चार नाबालिग भी इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक चोरी की मोटरसाइकिल, तीन अवैध पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस और पेट्रोल से भरी चार बोतलें भी बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर देसी बम बनाने में किया जाना था।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जांच एजेंसियां नेटवर्क के अन्य सदस्यों, विदेशी कनेक्शन, फंडिंग और आतंकी गतिविधियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि इस मॉड्यूल से जुड़े हर लिंक का पता लगाकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।




