वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में बहुप्रतीक्षित सड़क चौड़ीकरण परियोजना के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। विधायक नीलकंठ तिवारी ने चौक प्रवेश मार्ग पर मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ परियोजना का भूमि पूजन किया। इस मौके पर विश्वेश्वर वार्ड के पार्षद और नगर निगम सदन में परियोजना का प्रस्ताव रखने वाले पार्षद इंद्रेश भी मौजूद रहे।
₹221 करोड़ की अनुमानित लागत
करीब 221 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के तहत चौक से नई सड़क तक जाने वाले लगभग 650 मीटर लंबे मार्ग को 17.4 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा। इस परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर करना और लोगों के आवागमन को आसान बनाना है।
181 भवन और 6 मस्जिदें परियोजना के दायरे में
परियोजना के लिए रास्ते में आने वाली संपत्तियों के अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक, करीब 150 करोड़ रुपये का मुआवजा देकर भवनों का अधिग्रहण किया गया और इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। परियोजना के दायरे में कुल 181 भवन और 6 मस्जिदें शामिल थीं। सड़क चौड़ीकरण के लिए यूपी पुलिस की ओर से चौक थाने का एक हिस्सा भी परियोजना के लिए सौंपा गया है।
धनतेरस पर शुरू हुई थी प्रक्रिया
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना की प्रक्रिया पिछले साल 29 अक्टूबर, धनतेरस के दिन पहले भवन की रजिस्ट्री के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से संपत्तियों का अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण किया गया। अब भूमि पूजन के बाद सड़क निर्माण का काम शुरू होने की तैयारी है।
यातायात व्यवस्था में होगा सुधार
परियोजना पूरी होने के बाद दालमंडी मार्ग के चौड़ा होने से इलाके में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों और काशी आने वाले पर्यटकों के लिए आवागमन आसान होगा। सड़क चौड़ीकरण के साथ दालमंडी और आसपास के क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और स्वरूप में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।




