नई दिल्ली: गृह मंत्रालय (MHA) ने भारत की जनगणना 2027 के लिए ‘हाउसहोल्ड शेड्यूल’ यानी परिवार अनुसूची के तहत पूछे जाने वाले 40 सवालों की सूची जारी की है। जनगणना अधिकारियों को अपने निर्धारित स्थानीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से इन सवालों के जरिए विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जानकारियां जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। यह निर्देश जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8(1) के तहत केंद्र सरकार को प्राप्त शक्तियों के तहत जारी किया गया है।
किन-किन बातों की जानकारी ली जाएगी?
जनगणना के दौरान व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि और उम्र, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय उम्र और जीवनसाथी का नाम पूछा जाएगा। इसके अलावा धर्म, बताई गई राष्ट्रीयता और अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा जाति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों द्वारा पिता और माता का विवरण, विकलांगता, मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाओं के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। साक्षरता एवं डिजिटल साक्षरता, शिक्षण संस्थान में उपस्थिति और व्यक्ति की उच्चतम शैक्षणिक योग्यता तथा स्ट्रीम/विषय से संबंधित सवाल भी शामिल हैं।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े सवाल
परिवार के सदस्यों से पिछले एक साल के दौरान काम करने की स्थिति, आर्थिक गतिविधि की श्रेणी, पेशा और उद्योग, व्यापार या सेवा के प्रकार के बारे में जानकारी ली जाएगी। कामगार का वर्ग, गैर-आर्थिक गतिविधि, काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता और कार्यस्थल तक आने-जाने से संबंधित विवरण भी दर्ज किया जाएगा।
जन्म और प्रवासन की जानकारी
जनगणना में व्यक्ति के जन्म स्थान, पिछली बार रहने की जगह, माइग्रेशन का कारण और पिछली बार प्रवासन के बाद से वर्तमान गांव या शहर में रहने की अवधि पूछी जाएगी। स्थायी आवासीय पता भी दर्ज किया जाएगा। वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जीवित पैदा हुए बच्चों की कुल संख्या और पिछले एक साल में जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे।
पहचान और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी भी शामिल
परिवार अनुसूची में कोविड-19 टीकाकरण की जगह, बैंक खातों की कुल संख्या और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भी मांगी जाएगी। इसके अलावा उपलब्ध होने पर आधार नंबर, वोटर आईडी नंबर और भारतीय पासपोर्ट धारकों से पासपोर्ट नंबर की जानकारी ली जा सकती है। ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता के बारे में भी सवाल शामिल है।
बर्फबारी वाले क्षेत्रों में सितंबर से शुरू होगी प्रक्रिया
गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, बर्फबारी वाले इलाकों में जनगणना की प्रक्रिया पहले शुरू होगी। लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में लोगों की गणना 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच की जाएगी। देश के बाकी हिस्सों में जनगणना की प्रक्रिया अगले वर्ष शुरू होगी। इस तरह भारत की जनगणना 2027 के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम और प्रशासनिक परिस्थितियों के अनुसार गणना का कार्यक्रम लागू किया जाएगा।




