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झारखंड में JPSC-JSSC की 45 परीक्षाओं पर बड़ा फैसला, 39 रद्द और 6 स्थगित, SIT-CID जांच के बाद कार्रवाई

झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और कदाचार को लेकर चल रही CID/SIT जांच के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 18 अगस्त को जारी अधिसूचनाओं के मुताबिक 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की गई है। इनमें 39 परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं, जबकि 6 परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित रखा गया है। सरकार के इस फैसले की जद में हाल की भर्तियों के साथ-साथ कई वर्षों पुरानी परीक्षाएं भी आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।

इन प्रमुख परीक्षाओं को किया गया रद्द

रद्द की गई परीक्षाओं में विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक, ड्रग इंस्पेक्टर, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर और पॉलिटेक्निक संस्थानों में लेक्चरर की भर्तियां शामिल हैं। इसके अलावा सिविल जज (जूनियर डिवीजन), सहायक वन संरक्षक, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सहायक लोक अभियोजक, फूड सेफ्टी ऑफिसर और चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर जैसी परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं। रद्द होने वाली परीक्षाओं की सूची में झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023, संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2021, CGL परीक्षा और झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 2024 भी शामिल हैं।

इसके साथ ही कई पुरानी भर्तियों पर भी कार्रवाई हुई है। इनमें 5वीं संयुक्त सिविल सेवा भर्ती, सिविल जज भर्ती, कृषि विभाग के पद, डेंटिस्ट भर्ती, संयुक्त सहायक अभियंता भर्ती और अन्य परीक्षाएं शामिल हैं। CGL परीक्षा (विज्ञापन 10/2023) को SIT और CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर रद्द किए जाने की बात कही गई है।

6 परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित

सरकार ने छह परीक्षाओं को फिलहाल रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक स्थगित रखने का फैसला किया है। इनमें फूड एनालिस्ट — विज्ञापन 05/2024 डिप्टी डायरेक्टर, प्रॉसिक्यूशन — विज्ञापन 03/2025 प्रोजेक्ट मैनेजर एवं समकक्ष — विज्ञापन 04/2025 इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज — विज्ञापन 01/2025 बॉयलर इंस्पेक्टर — विज्ञापन 02/2025 डायरेक्टर — विज्ञापन 07/2025 शामिल हैं।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की तैयारी

परीक्षा में अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध करने का फैसला लिया है। इसके अलावा JPSC और JSSC में आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाने तथा परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने का निर्णय भी लिया गया है।

दो महीने में देनी होगी रिपोर्ट

परीक्षा सुधार के लिए गठित होने वाली कमेटी को अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर राज्य सरकार को सौंपनी होगी। कमेटी परीक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों की समीक्षा करने के साथ पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी सुधारों पर सुझाव देगी।

सरकार के इन फैसलों को JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। अब इन परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए आगे की प्रक्रिया और नए सिरे से होने वाली भर्तियों को लेकर सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH