विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में भारतीय टीम ने शुभमन गिल की कप्तानी में शानदार जीत दर्ज की है। श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में जीत के बाद भारत के अंक और PCT (Points Percentage) में बड़ा सुधार हुआ है। हालांकि, इसके बावजूद WTC रैंकिंग में टीम इंडिया की स्थिति नहीं बदली है और वह अब भी पांचवें स्थान पर बनी हुई है। भारत ने मुकाबले में शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। बीच में कुछ मौकों पर श्रीलंका ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन आखिरी दिन भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
10 मैचों में भारत की पांचवीं जीत
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के बाद भारत ने मौजूदा WTC चक्र में कुल 10 मैच खेल लिए हैं। इनमें टीम इंडिया ने पांच मुकाबलों में जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ भारत के अंक 52 से बढ़कर 64 हो गए हैं। WTC में जीत के लिए 12 अंक मिलते हैं। वहीं भारत का PCT भी 48.15 से बढ़कर 53.33 हो गया है। यानी जीत के बाद भारत के PCT में 5.18 प्रतिशत अंक का इजाफा हुआ है। इसके बावजूद रैंकिंग में भारत पांचवें स्थान पर ही है।
बांग्लादेश की जीत ने रोका भारत का प्रमोशन
भारत की रैंकिंग नहीं बदलने की सबसे बड़ी वजह बांग्लादेश है। बांग्लादेश ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला मुकाबला जीत लिया था। इस जीत के बाद उसका PCT 66.67 हो गया, जो भारत के 53.33 से काफी ज्यादा है। यही वजह है कि भारत को WTC टेबल में अभी भी पांचवें स्थान से ही संतोष करना पड़ रहा है।
हार के बाद भी छठे स्थान पर श्रीलंका
श्रीलंका को भारत के खिलाफ हार का नुकसान PCT में हुआ है। टीम ने WTC के मौजूदा चक्र में अब तक 5 मैच खेले हैं, जिनमें उसे दो मुकाबलों में हार मिली है। भारत के खिलाफ हार के बाद श्रीलंका का PCT 41.67 से घटकर 33.33 हो गया। हालांकि, रैंकिंग में उसे कोई नुकसान नहीं हुआ और टीम अब भी छठे स्थान पर बनी हुई है।
इंग्लैंड से आगे है श्रीलंका
श्रीलंका की रैंकिंग बरकरार रहने की एक और वजह इंग्लैंड का कम PCT है। इंग्लैंड का PCT फिलहाल 24.36 है, जो श्रीलंका के 33.33 से कम है। इसलिए श्रीलंका छठे स्थान पर और इंग्लैंड उसके नीचे बना हुआ है।
यानी भारत ने जीत के साथ अपनी स्थिति मजबूत जरूर की है, लेकिन बांग्लादेश के बेहतर PCT के कारण WTC रैंकिंग में तत्काल ऊपर नहीं जा सका। आने वाले मुकाबलों में भारत के लिए लगातार जीत दर्ज करना बेहद अहम होगा, ताकि PCT में और सुधार के साथ वह रैंकिंग में भी ऊपर पहुंच सके।




