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UP में H1N1 का बढ़ा खतरा, लखनऊ में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, 364 केस सामने आने के बाद अस्पताल अलर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। राजधानी लखनऊ में इस सीजन में स्वाइन फ्लू से पहली मौत दर्ज की गई है। इंदिरानगर निवासी करीब 50 वर्षीय महिला ने इलाज के दौरान बलरामपुर अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, महिला को कुछ दिनों से बुखार, सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी की शिकायत थी। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच में H1N1 संक्रमण की पुष्टि होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद महिला को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मौत के बाद अस्पताल में बढ़ाई गई सतर्कता

बताया जा रहा है कि महिला की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों को मोबाइल फोन पर उनकी स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट दिखाई। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती कराए जाने से पहले परिवार की ओर से संक्रमण की जानकारी नहीं दी गई थी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर महिला के संपर्क में आए मरीजों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। महिला के इलाज में शामिल डॉक्टरों को भी निगरानी में रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

यूपी में अब तक 364 H1N1 केस

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में इस साल अब तक H1N1 के 364 मामले सामने आ चुके हैं। संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अस्पतालों को जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है। लखनऊ के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था और बेड रिजर्व किए गए हैं।

नोएडा में भी सामने आए करीब 120 मामले

लखनऊ के अलावा गौतमबुद्धनगर में भी H1N1 संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। यहां अब तक करीब 120 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि होने की जानकारी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।

बुखार और सांस की परेशानी को नजरअंदाज न करें

डॉक्टरों के मुताबिक, तेज बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, शरीर में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से बचने और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

 

BRIJESH SINGH
the authorBRIJESH SINGH