प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार देर रात भारी बारिश के बीच स्वामीनारायण मंदिर का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। हादसा उस वक्त हुआ, जब मंदिर परिसर में कुछ लोग सो रहे थे। इमारत के गिरते ही तेज आवाज हुई, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि मलबे की चपेट में कोई नहीं आया और फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। जानकारी के मुताबिक, हादसा रात करीब 11 बजे हुआ। मंदिर की इमारत का सामने वाला हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। आवाज सुनकर परिसर और आसपास मौजूद लोगों की नींद खुल गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मेहमानों के ठहरने के लिए होता था इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर का ढहा हुआ हिस्सा बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। मंदिर के पीछे की ओर एक तीन मंजिला कमर्शियल-कम-रेसिडेंशियल अपार्टमेंट बनाने का काम प्रस्तावित था, जिसके लिए जमीन में गहरा गड्ढा खोदा गया था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, लगातार बारिश के चलते इस गड्ढे में पानी जमा हो रहा था। आशंका है कि पानी और मिट्टी में बढ़ी नमी के कारण मंदिर की नींव के आसपास की जमीन कमजोर हुई होगी। हालांकि, प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
तेज आवाज से सहमे आसपास के लोग
घटना के प्रत्यक्षदर्शी मोइन अली ने बताया कि मंदिर की पिछली ओर इमारत का कुछ हिस्सा अब भी खड़ा है, जबकि सामने का बड़ा हिस्सा गिर चुका है। अचानक हुए इस हादसे के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। मंदिर के सुरक्षा गार्ड सूबेदार सिंह के मुताबिक, यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और कई लोग परिसर में रुकते भी हैं। हादसे के समय भी मंदिर में लोग मौजूद थे, लेकिन संयोग से कोई मलबे की चपेट में नहीं आया।
निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे की भी जांच
मंदिर से सटे हिस्से में चल रही निर्माण गतिविधियों और वहां खोदे गए गड्ढे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लगातार बारिश के बाद गड्ढे में पानी भरने से मंदिर की संरचना पर कोई असर पड़ा या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। प्रशासन और संबंधित टीमें मौके का निरीक्षण कर रही हैं। फिलहाल प्राथमिकता आसपास के हिस्से को सुरक्षित करना और यह पता लगाना है कि इमारत के ढहने की मुख्य वजह क्या रही।




